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  • 2020-04-09 23:33:56

12 फरवरी 1994 को गांधी मैदान, पटना में हुई ऐतिहासिक विशाल अनुशासित कुर्मी चेतना महारैली

इतिहास जिसने समाज की एकता की नींव रखी। क्यूं जरूरी है रैली या अधिवेशन समाज के लिए इस पोस्ट से समझें। 12 फरवरी 1994 को गांधी मैदान, पटना में हुई ऐतिहासिक विशाल अनुशासित कुर्मी चेतना महारैली के बाद कुर्मी समाज की राजनीतिक भागीदारी भी बढ़ी और सामाजिक चेतना में बढ़ोत्तरी होने से शिक्षा के क्षेत्र में समाज काफी आगे बढ़ा है। कुर्मी समाज के विभिन्न उपशाखाओं में एकता और आपसी वैवाहिक संबंध स्‍थापित होने लगा। इस सामाजिक चेतना का ही परिणाम है कि आज प्रशासन, अभियंत्रण, चिकित्सा शोध, बिजनेस, राजनीति आदि विभिन्न क्षेत्रों में भी शीर्ष स्थानों पर इस समाज का प्रतिनिधित्व है। #कुर्मिचेतनामहारैली अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के ऑफिशियल ग्रुप, पेज से ज्यादा से ज्यादा जुड़ें और शेयर करें https://www.facebook.com/groups/647580136036126/ & Official Page - www.fb.com/officialabkkm Twitter Official Page - https://twitter.com/officialabkkm प्रशांत पटेल राष्ट्रीय सह संयोजक - मीडिया एवं प्रसार प्रचार अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा Kurmi Samaj Website - www.kurmisamaj.in Kurmi Samaj App link - https://goo.gl/wAFGMR